न दूर से देखा न ,किसी के क़रीब से गुज़रे,सिर्फ़ बदल गये रास्ते वक़्त प ज़िंदगी के जब हम तूफ़ान से गुज़रे ।

न दूर से देखा न ,किसी के क़रीब से गुज़रे,सिर्फ़ बदल गये रास्ते वक़्त प ज़िंदगी के जब हम तूफ़ान से गुज़रे ।

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