मकान वही है मगर घर में रहने वालों का ठिकाना बदल गया, जलते रहे चिराग़ अंधेरो में जैसे किसी का शमियाँना बदल गया ।

मकान वही है मगर घर में रहने वालों का ठिकाना बदल गया, जलते रहे चिराग़ अंधेरो में जैसे किसी का शमियाँना बदल गया ।

0 comments: