जुआँ मत खेलों ज़िंदगी से वरना जीत कर भी हार जाओगे,बिखर जाओगे वक़्त प ताश के पत्ते की तरह जब भीड़ में ख़ुद को तनहा पाओगे ।

जुआँ मत खेलों ज़िंदगी से वरना जीत कर भी हार जाओगे,बिखर जाओगे वक़्त प ताश के पत्ते की तरह जब भीड़ में ख़ुद को तनहा पाओगे ।

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