दुनिया से बहुत कुछ सिखा है तभी तो जीने का तरीक़ा सिख गये,कैसे चलते है शतरंज के मोहरे वक़्त प हम तो चेहरे को देखके चेहरा पढ़ना सिख गये ।

दुनिया से बहुत कुछ सिखा है तभी तो जीने का तरीक़ा सिख गये,कैसे चलते है शतरंज के मोहरे वक़्त प हम तो चेहरे को देखके चेहरा पढ़ना सिख गये ।

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