इतजार करने वालों को जाने क्यूँ ज़िंदगी में खुदा नहीं मिला,लिख लिख कर मिटाते रहे काग़ज़ प लिखे अल्फ़ाज़ोको जैसे नसीब मिला मगर मुक़ाम नही मिला

इतजार करने वालों को जाने क्यूँ ज़िंदगी में खुदा नहीं मिला,लिख लिख कर मिटाते रहे काग़ज़ प लिखे अल्फ़ाज़ोको जैसे नसीब मिला मगर मुक़ाम नही मिला

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