रात आते ही ये चाँद भी जाने कैसे कैसे रंग दिखाता है कभी तन्हाई तो कभी बीते वक़्त की तस्वीर दिखाता है

रात आते ही ये चाँद भी जाने कैसे कैसे रंग दिखाता है कभी तन्हाई तो कभी बीते वक़्त की तस्वीर दिखाता है

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