हम जी रहे हैं कोई बहाना किए बग़ैर उसके बग़ैर उसकी तमन्ना किए बग़ैर!

हम जी रहे हैं कोई बहाना किए बग़ैर उसके बग़ैर उसकी तमन्ना किए बग़ैर!

0 comments: