तेरे सवालों के जवाब हमथे, गुज़रे हुए वक़्त का हिसाब हमथे, कैसे बयान करे अपने दर्द को अल्फ़ाज़ो में जो पन्नो प गिरे स्याही का दाग़ हम थे ।

तेरे सवालों के जवाब हमथे, गुज़रे हुए वक़्त का हिसाब हमथे, कैसे बयान करे अपने दर्द को अल्फ़ाज़ो में जो पन्नो प गिरे स्याही का दाग़ हम थे ।

0 comments: