जो सिखा था ज़िंदगी से वही वक़्त प छोड़कर आए है, सफ़र गुज़रता गया अपनो के साथ जिसके लिए हम पतथरो को भी तोड़ आए है ।

जो सिखा था ज़िंदगी से वही वक़्त प छोड़कर आए है, सफ़र गुज़रता गया अपनो के साथ जिसके लिए हम पतथरो को भी तोड़ आए है ।

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