बात इतनी थी हम उनकी किसी बात को न समझ सकें,देखते रहे समंदर की गहराई को मगर उसके अहसास को न समझ सकें ।

बात इतनी थी हम उनकी किसी बात को न समझ सकें,देखते रहे समंदर की गहराई को मगर उसके अहसास को न समझ सकें ।

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