मौतका क़ब्र बिछाकर मोहब्बतकी बात करनेलगे,हमने कहा यूँही नहीं गुज़रती ज़िंदगी अपनो के सहारे जो अल्फ़ाज़ोको सुनकर आशियाना बनाने की बात करनेलगे

मौतका क़ब्र बिछाकर मोहब्बतकी बात करनेलगे,हमने कहा यूँही नहीं गुज़रती ज़िंदगी अपनो के सहारे जो अल्फ़ाज़ोको सुनकर आशियाना बनाने की बात करनेलगे

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