ख़ुद को ख़ूब सँवारा है तेरे एहसास से , की धड़कने भी उलझ गयी तेरे दीदार से... !

ख़ुद को ख़ूब सँवारा है तेरे एहसास से ,
की धड़कने भी उलझ गयी तेरे दीदार से... !

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