गुलाब भी किताबों में दफन हो गए, प्रेम कहानीयाँ भी पन्नों में अमर अजर हो गई.. क्यूँ होती हैं ये इश्क़ की दासताँए...

गुलाब भी किताबों में दफन हो गए, प्रेम कहानीयाँ भी पन्नों में अमर अजर हो गई.. क्यूँ होती हैं ये इश्क़ की दासताँए...

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