वकालत कर रहे है दूसरों की ज़िंदगी प जो ख़ुदकी शख़्सियत को पहचान न सके,पलटने लगे किताबों के पन्ने मगर ख़ुद के लफ़्ज़ वक़्त प संभाल न सके ।

वकालत कर रहे है दूसरों की ज़िंदगी प जो ख़ुदकी शख़्सियत को पहचान न सके,पलटने लगे किताबों के पन्ने मगर ख़ुद के लफ़्ज़ वक़्त प संभाल न सके ।

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