किताबों में कहानियों को पढ़ते रहे मगर क़िस्सा ज़िंदगी का न समझ सके,बिखर गये सारे मोती धागों में से मगर हर मोती की क़ीमत न समझ सके ।

किताबों में कहानियों को पढ़ते रहे मगर क़िस्सा ज़िंदगी का न समझ सके,बिखर गये सारे मोती धागों में से मगर हर मोती की क़ीमत न समझ सके ।

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